नहीं है ये जिस्मों वाला प्यार नहीं है ये जिस्मों वाला प्यार
हर सांस का कतरा कतरा, अब गिरवी है तुम्हारे लिए हर सांस का कतरा कतरा, अब गिरवी है तुम्हारे लिए
आज़ भी राह तकती है हमारी ये निगाहें, उनके इंतज़ार में! आज़ भी राह तकती है हमारी ये निगाहें, उनके इंतज़ार में!
"शायरी" "शायरी"
मां की कमी पिता पूरी नही कर सकता... मां की कमी पिता पूरी नही कर सकता...
तुम प्यार का बादल बन कर बरसो, मैं भीगना चाहती हूं। तुम प्यार का बादल बन कर बरसो, मैं भीगना चाहती हूं।